देवगुराड़िया पहाड़ी पर 1,000 पौधे रोपे,
संरक्षण और सिंचाई का लिया संकल्प
गुरु पूर्णिमा पर ग्रीन आर्मी और वन विभाग का अभियान; डॉ. अशोक कुमार भार्गव बोले— "अब मौसम भी बेघर होने लगे हैं" करे रोपित
इंदौर, 30 जुलाई। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर ग्रीन आर्मी, इंदौर ने वन विभाग के सहयोग से देवगुराड़िया पहाड़ी पर एक हजार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अभियान की विशेषता यह रही कि प्रत्येक पौधे के संरक्षण के लिए स्थायी जल व्यवस्था सुनिश्चित की गई है तथा पौधों के वृक्ष बनने तक उनकी नियमित सिंचाई, निंदाई-गुड़ाई और देखभाल का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु वंदना, वैदिक मंत्रोच्चार एवं हवन-पूजन के साथ हुआ। इसके बाद बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमियों ने अपने गुरुजनों, माता-पिता, परिजनों एवं बच्चों के नाम पर पौधे रोपे और उन्हें सुरक्षित रखकर वृक्ष बनाने का संकल्प लिया। अभियान में बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
मुख्य अतिथि पूर्व संभागायुक्त (रीवा एवं शहडोल) डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने कहा कि "अब मौसम भी बेघर होने लगे हैं। वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।"
मुख्य वन संरक्षक पी.एन. मिश्रा एवं वनमंडलाधिकारी लाल सुधाकर सिंह सहित वन विभाग के अधिकारियों ने भी पौधारोपण किया। विश्व बाघ दिवस के अवसर पर उन्होंने वन, वन्यजीव और जैव विविधता संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का आह्वान किया।
अभियान में अणुव्रत समिति के कमलेश सामोता, किशोर मित्र मंडल के सुरेश चंद्र गुप्ता, कऱ्हाडे ब्राह्मण संघ, मालवांचल के प्रभात आंबर्डेकर एवं विवेक हलवे, होल्कर हॉस्टलर्स के संदीप खानवलकर, अनिल जोशी एवं हरीश मेनारिया, गुरुजी किशोर वागेला मित्र मंडल, संस्था जीवन प्रवाह के प्रकाश सोनी, जीएससी फ्रेंड सर्कल, ग्रीन आर्मी के संगीता ठाकुर, अंबरीष कैला, राजेंद्र सिंह, डॉ. दिलीप वागेला सहित अनेक पर्यावरण प्रेमियों का सक्रिय सहयोग रहा। ग्रीन आर्मी इंदौर, देवास एवं महू के स्वयंसेवकों की उल्लेखनीय भागीदारी रही।
ग्रीन आर्मी के समरजीत सिंह जाधवराव ने बताया कि प्रत्येक पौधे के संरक्षण के लिए जनसहयोग से स्थायी जल व्यवस्था विकसित की गई है। स्वयंसेवी अगले एक वर्ष तक पौधों की नियमित देखभाल करेंगे, ताकि सभी पौधे सुरक्षित रूप से विकसित होकर वृक्ष बन सकें। उन्होंने कहा कि ग्रीन आर्मी का यह अभियान अब "पौध संरक्षण का जन आंदोलन" बनता जा रहा है।
पौध संरक्षण का जन आंदोलन

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