डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए रहें सतर्क
इंदौर। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में एडिशनल डीसीपी (क्राइम) राजेश डंडोतिया ने ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर (बीसीसी), इंदौर में साइबर जागरूकता पाठशाला को संबोधित किया। कार्यक्रम में बीसीसी के लगभग 150 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान राजेश डंडोतिया ने साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों की जानकारी देते हुए बताया कि फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, केवाईसी अपडेट, ऑनलाइन निवेश, जॉब ऑफर, फर्जी लिंक, ओटीपी और स्क्रीन शेयरिंग जैसे माध्यमों से लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या आकर्षक ऑफर पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें तथा अपनी बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से भी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को होल्ड या रिकवर किए जाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
सेमिनार के अंत में सभी कर्मचारियों से अपील की गई कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहें और अपने परिवार, मित्रों व परिचितों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करें, ताकि सुरक्षित और जागरूक डिजिटल समाज का निर्माण किया जा सके।
ENCOUNTER NEWS M.P
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