"अपर कलेक्टर बनकर बिछाया जाल, सरकारी
जमीन के नाम पर ठगे लाखों"
इंदौर कलेक्टर जनसुनवाई में मंगलवार को धोखाधड़ी का एक अनोखा मामला सामने आया। शिकायतकर्ता, जो न्यायालय में वाहन चालक के पद पर कार्यरत है, उसने आरोप लगाया कि बाणगंगा क्षेत्र की एक महिला ने खुद को अपर कलेक्टर बताकर उससे लाखों रुपये की ठगी की। पीड़ित रूपेश जोशी के अनुसार महिला ने दावा किया था कि वह प्रशासनिक अधिकारी है और उसकी सरकारी जमीन अपने नाम कराने में मदद कर सकती है। इसके लिए महिला ने जमीन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज अपने पास ले लिए। कुछ दिनों बाद उसने पीड़ित रूपेश जोशी को बताया कि जमीन का नामांतरण हो चुका है और इसके प्रमाण के रूप में कुछ दस्तावेज भी सौंपे।
पीड़ित का कहना है कि महिला ने पहले पांच लाख रुपये और बाद में ढाई लाख रुपये की मांग की। भरोसे में आकर उसने कुल ढाई लाख रुपये दे दिए। लेकिन बाद में जांच करने पर पता चला कि दिए गए दस्तावेज पूरी तरह फर्जी थे और जमीन का कोई नामांतरण नहीं हुआ था। पीड़ित ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से वह अपने पैसे और दस्तावेज वापस लेने के लिए महिला के चक्कर काट रहा है।
इस दौरान उसने पुलिस थाने और सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित का कहना है कि आरोपी महिला क्षेत्र में बड़े अधिकारी की तरह घूमती थी और लोगों के बीच खुद को प्रशासन से जुड़ा बताती थी, जिससे कई लोग उसके झांसे में आ गए। वहीं एडीएम रोशन राय ने मामले को गंभीर अपराध बताते हुए संबंधित थाने को जांच के निर्देश दिए हैं।
महिला ने खुद को अपर कलेक्टर बताकर उससे लाखों रुपये की ठगी की एडीएम रोशन राय ने मामले को गंभीर अपराध बताते हुए संबंधित थाने को जांच के निर्देश दिए हैं।
इंदौर से ENCOUNTER NEWS MP
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