1 मई से 30 मई 2026 तक होगा मकानों की सूचीकरण एवं भवन गणना का कार्य The listing of houses and the enumeration of buildings will be conducted from May 1 to May 30, 2026.

इंदौर में जनगणना-2027 के सफल संचालन के लिए जिला स्तर के द्वितीय चरण का प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ शुरू
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अधिकारियों को बताए गए गणना के तौर-तरीके

इंदौर, 11 मार्च 2026
 भारत की जनगणना-2027 के सफल संचालन और प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए इंदौर जिले में व्यापक तैयारियां जारी है। जनगणना के कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों को विभिन्न चरणों में लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी सिलसिले में आज बुधवार से द्वितीय चरण का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण कलेक्टर कार्यालय स्थित ई-दक्ष केंद्र सेटेलाइट भवन में आयोजित हो रहा है। इस प्रशिक्षण में अधिकारियों को जनगणना से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं और तकनीकी व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।

 प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताया गया कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक किया जाएगा। इस चरण में जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर भवनों और परिवारों से संबंधित प्रारंभिक जानकारी एकत्रित की जाएगी। 
 जनगणना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नगरीय और ग्रामीण स्तर पर चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इन अधिकारियों को जिला स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि जनगणना की पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जा सके।
 प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी श्रीमती निशा डामोर, वरिष्ठ जिला योजना अधिकारी श्री माधव बेंडे सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। 
 जनगणना के जिला प्रभारी श्री सूरज बडगे ने प्रतिभागियों को सीएमएमएस (जनगणना प्रबंधन एवं मॉनिटरिंग प्रणाली) पोर्टल के माध्यम से हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया। उन्होंने जिला जनगणना हस्तपुस्तिका, ग्राम निर्देशिका/नगर निर्देशिका अनुसूची तथा संपूर्ण प्रक्रिया प्रवाह के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों की सूची को एक्सेल शीट के माध्यम से पोर्टल पर अपलोड करने तथा उनके नियुक्ति आदेश जारी करने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से बताया गया।

                                
जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर भवनों और परिवारों से संबंधित प्रारंभिक जानकारी एकत्रित की जाएगी।
 


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