दुर्घटना से पीड़ित व्यक्तियों का होगा निशुल्क इलाज Victims of accidents will receive free treatment.


दुर्घटना से पीड़ित व्यक्तियों का होगा निशुल्क इलाज 
डेढ़ लाख रुपए तक की मिलेगी कैशलेस उपचार सुविधा
-----
टोल फ्री नंबर 112 के माध्यम से एंबुलेंस और पुलिस को दी जा सकती है सूचना


इंदौर, 14 मार्च 2026

 इंदौर जिले में पीएम राहत योजना के संचालन एवं क्रियान्वयन के संबंध में निजी एवं शासकीय चिकित्सालयों के संचालकों, प्रबंधकों की बैठक का आयोजन आज कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय में किया गया।आयुष्मान योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. योगेश तुकाराम भरसट विशेष रूप से मौजूद थे।

 कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने कहा कि पी.एम. राहत योजना सड़क दुर्घटना से पीड़ित व्यक्ति को तुरंत अस्पताल में भर्ती करने एवं सुनिश्चित उपचार उपलब्ध करवाने की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति जो सड़क दुर्घटना से ग्रस्त हुआ है उसे जीवन रक्षा प्रदान करना क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति का जीवन महत्वपूर्ण है। इसलिए निजी एवं शासकीय चिकित्सालयों से अनुरोध है कि वह आज के इस उन्मुखीकरण में बताए गए प्रस्तुतीकरण के द्वारा योजना के विभिन्न पहलूओं को ध्यान से समझे तथा अधिक से अधिक अस्पताल पंजीकृत हों, ऐसी हमारी मंशा है।

 आयुष्मान योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने बताया कि प्रदेश में अभी तक इस योजना अंतर्गत लगभग 200 से अधिक दुर्घटना ग्रस्त व्यक्तियों को लाभ दिया जा चुका है और इंदौर में सर्वाधिक 24 दुर्घटना ग्रस्त व्यक्तियों को लाभ दिया गया है, इसलिए यह उन्मुखीकरण सर्वप्रथम इंदौर जिले में ही रखा गया है। 
 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पी.एम. राहत योजना (सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार) का प्रारंभ जिले में गत 20 फरवरी 2026 से किया गया। योजना अंतर्गत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तिथि से सात दिनों के भीतर डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया हैकोई भी अस्पताल दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को उपचार देने से मना नहीं कर सकता है, यदि कोई विदेशी नागरिक भारत में सड़क दुर्घटना में पीड़ित होता है तो उसे भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा। दुर्घटना ग्रस्त होने के 24 घंटे के अंदर पीड़ित के अस्पताल पहुंचने पर ही उसे योजना का लाभ मिलेगा, दुर्घटना ग्रस्त होने पर पहला 01 घंटा बहुत महत्वपूर्ण होता है, उसमें उपचार मिलने पर जीवन बचने की संभावना सर्वाधिक होती है। 

 वह नागरिक जो मोटराईज वाहन द्वारा सड़क पर दुर्घटना ग्रस्त हुए हैं, इसका सत्यापन eDAR (पुलिस द्वारा) तथा TMS पोर्टल (अस्पताल) के माध्यम से किए जाने पर ही इस योजना के लिए पात्र होगा। इस योजना में गैर-नामित अस्पतालों (Non Designated Hospital) में भी दुघर्टना पीड़ित व्यक्ति का स्थिरीकरण (Stablization) उपचार कराना होगा। टोल फ्री नम्बर 112 के माध्यम से एम्बुलेंस एवं पुलिस को सूचना दी जा सकती है। लेण्ड मार्क ऑफ एक्सीडेंट, स्थान, आयु की सूचना भी सत्यापन हेतु डालना आवश्यक होगा।
 आयुष्मान योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने कहा कि इंदौर में सेवा का भाव बहुत पहले से है और इस योजना के क्रियान्वयन से भी पहले इंदौर के नागरिक दुर्घटना में पीड़ित राहगिरों की मदद करते रहे हैं। अब इस योजना के माध्यम से जटिलताओं को दूर करते हुए सहज और सरल रुप में पीड़ित को अस्तपाल पहुँचाकर उपचार एवं लाभ दिया जा सकेगा।
 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, इंदौर डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निजी एवं शासकीय चिकित्सालयों के लगभग 107 प्रतिनिधि आज इस उन्मुखीकरण में प्रतिभाग किया तथा हम यह अपेक्षा करते हैं कि जिले में आयुष्मान भारत योजना PM-JAY के अंतर्गत संबद्ध समस्त अस्पताल पी.एम. राहत योजना के अंतर्गत नामित अस्पतालों के रुप में कार्य करेंगे। इसके साथ-साथ ही पी.एम. राहत योजना में आयुष्मान योजना के अंतर्गत संबद्ध अस्पतालों के अतिरिक्त अन्य अस्पतालों को भी नामित किए जाने की प्रक्रिया की जा रही है।

 बैठक में डॉ. नरेंद्र भयड़िया (GM operations), डॉ. अंकित परिहार (GMIT), डॉ. नवीन दीवान (OIC Indore & OIC PM RAHAT), श्री घुमेन्द्र दाश्रिये (Data Analyst), डॉ. स्वप्निल सेन (Team Lead Paramount) तथा स्वास्थ्य विभाग के जिले के समस्त कार्यक्रम अधिकारी उपस्थित थे।


Post a Comment

0 Comments