इंदौर जिले में स्कूल, कॉलेज और पंचायत स्तर पर नशा मुक्ति
जागरूकता समितियों का गठन
इंदौर में नशे के खिलाफ सख्त रणनीति: कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में एनसीओआरडी की जिला स्तरीय बैठक सम्पन्न
इंदौर में मादक पदार्थों के अवैध रूप से क्रय-विक्रय, भण्डारण तथा परिवहन करने वालों के विरूद्ध मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर अभियान चलाकर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। जिले में मादक पदार्थों के उपयोग की रोकथाम के संबंध में जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। जिले में स्कूल, कॉलेज और पंचायत स्तर पर नशा मुक्ति जागरूकता समितियों का गठन किया जाएगा। जिले में नशे के खिलाफ सख्त रणनीति बनाकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
यह जानकारी कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय में सम्पन्न हुई एनसीओआरडी (NCORD) की जिला स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक में दी गई। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर श्री राजेश कुमार सिंह, डीसीपी श्री आनंद कलादगी तथा श्री प्रकाश परिहार, एडीएम श्री रोशन राय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में जिले में नशा मुक्ति अभियान को व्यापक और प्रभावी रूप से लागू करने को लेकर ठोस कार्ययोजना तैयार की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले में स्कूल, कॉलेज और पंचायत स्तर पर नशा मुक्ति जागरूकता समितियों का गठन किया जाएगा। साथ ही नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्रों के संचालन को बेहतर बनाते हुए उनका विस्तार और आधुनिकीकरण किया जाएगा, ताकि नशे से प्रभावित अधिक से अधिक युवाओं को उपचार एवं परामर्श की सुविधा मिल सके। इस अवसर पर कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि नशा समाज के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है। प्रशासन, पुलिस, शिक्षा संस्थान और समाज मिलकर यदि संगठित प्रयास करें तो प्रभावी परिणाम सामने आएंगे।
बैठक में बताया गया कि इंदौर में मादक पदार्थों के अवैध रूप से क्रय-विक्रय, भण्डारण तथा परिवहन करने वालों के विरूद्ध मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर अभियान चलाकर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। जिले में सप्लाई चैन को तोड़े जाने के संबंध में भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बताया गया कि मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में नियमित खुफिया जानकारी साझा की जाएगी। अंतर-जिला एवं अंतर-राज्यीय मामलों में एनसीबी अधिकारियों के साथ संयुक्त कार्रवाई होगी। पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम के तहत आदतन अपराधियों की सूची जिला पुलिस अधीक्षक के साथ साझा कर निवारक कार्रवाई की जाएगी। तस्करी के हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी रखी जाएगी। बैठक में जब्त मादक पदार्थों एवं वाहनों के नियमित नष्टीकरण के संबंध में भी चर्चा की गई।
दोहरे उपयोग वाली दवाओं के संबंध में अधिकृत थोक/खुदरा विक्रेताओं की सूची साझा की जाएगी। मेडिकल स्टोर्स द्वारा अवैध बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। जिले के सभी सरकारी एवं निजी पुनर्वास केंद्रों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाएगा। इन केंद्रों पर नियमित निरीक्षण एवं ट्रैकिंग व्यवस्था की जाएगी। बैठक में निर्देश दिए गए कि नशा मुक्त परिसर अभियान के तहत बैनर, होर्डिंग, साइकिल रैली, नुक्कड़ नाटक, मैराथन, बाइक रैली आदि का आयोजन किया जाए। शहर की बसों, कचरा निपटान वैन, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और चौराहों पर नशा विरोधी संदेशों का प्रदर्शन भी किया जाए।
इंदौर में नशे के खिलाफ सख्त रणनीति
ENCOUNTER NEWS M.P
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