इंदौर में सोशल मीडिया पर भड़काऊ कंटेंट पर सख्ती
साम्प्रदायिक, सामाजिक और जातिगत विद्वेष फैलाने वाले पोस्ट पर प्रतिबंध
इंदौर, 2 सितम्बर।
इंदौर पुलिस ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ और विद्वेष फैलाने वाले कंटेंट के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने भारतीय सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।
आदेश के तहत फेसबुक, व्हाट्सऐप, X, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, SMS सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साम्प्रदायिक, सामाजिक या जातिगत भावनाओं को भड़काने वाले संदेश, फोटो, वीडियो और ऑडियो प्रसारित करने पर रोक रहेगी।
सिर्फ पोस्ट करना ही नहीं, बल्कि ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट को कमेंट, लाइक, शेयर या फॉरवर्ड करना भी प्रतिबंधित किया गया है।
अफवाहों, तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने वाले संदेशों और ऐसे कंटेंट पर भी रोक रहेगी, जिससे किसी समुदाय के खिलाफ हिंसा, वैमनस्य या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति पैदा हो सकती है।
ग्रुप एडमिन की भी व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की गई है। उन्हें अपने ग्रुप में इस तरह के संदेशों को रोकना होगा।
वहीं, किसी समुदाय या लोगों को एकत्रित कर गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए उकसाने वाले संदेशों पर भी प्रतिबंध रहेगा।
साइबर कैफे पर भी कड़ी निगरानी
आदेश के तहत साइबर कैफे संचालकों को भी नियमों का पालन करना होगा। बिना विश्वसनीय पहचान-पत्र के किसी व्यक्ति को साइबर कैफे का उपयोग नहीं करने दिया जाएगा।
सभी यूजर्स का रजिस्टर में नाम, पता, मोबाइल नंबर और पहचान संबंधी जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा। साइबर कैफे में वेब कैमरा लगाकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की फोटो का रिकॉर्ड रखना होगा और यह रिकॉर्ड कम से कम 6 महीने तक सुरक्षित रखना होगा।
24 अक्टूबर तक लागू रहेगा आदेश
प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।
यह प्रतिबंधात्मक आदेश 24 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
ENCOUNTER NEWS MP
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