मानव तस्करी के खिलाफ,इंदौर में हाई लेवल वर्कशॉप

देश में तेजी से बदलते अपराधों के बीच, एक ऐसा अपराध जो चुपचाप इंसानियत को खोखला कर रहा है, वो है मानव तस्करी। इसी गंभीर खतरे से निपटने के लिए इंदौर में एक बड़ा कदम उठाया गया, जहां पुलिस, प्रशासन और समाज के जिम्मेदार लोग, एक मंच पर आए। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में मानव दुर्व्यापार की रोकथाम को लेकर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। 


इंटरनेशनल जस्टीस मिशन के सहयोग से इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आयोजित इस से,मिनार में चेंजिंग ट्रेंड्स ऑफ ह्यूमन ट्रैफिकिंग लॉ इंर्फोसमेंट चैलेंज एंड रिस्पॉन्स विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रिटायर्ड डीजीपी एनडीआरएफ डॉक्टर पीएम नायर उपस्थित रहे, जबकि इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह की विशेष मौजूदगी रही। इस दौरान प्रोफेसर, उप पुलिस महानिरीक्षक सहित सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। मुख्य अतिथि डॉ. पी.एम. नायर ने कहा कि मानव तस्करी जैसे अपराध से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक, अंतरराज्यीय समन्वय और पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण बेहद जरूरी है। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि इस अपराध को खत्म करने के लिए केवल पुलिस नहीं, बल्कि समाज की भागीदारी भी जरूरी है। विशेषज्ञों ने बताया कि मानव तस्करी अब सिर्फ पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल माध्यमों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए यह अपराध तेजी से फैल रहा है। कार्यशाला में यह निष्कर्ष निकला कि पुलिस, प्रशासन, एनजीओ और समाज के बीच बेहतर तालमेल ही इस अपराध पर लगाम लगा सकता है। 

 पुलिस, प्रशासन, एनजीओ और समाज के बीच बेहतर तालमेल ही 

इस अपराध पर लगाम लगा सकता है। 

इंदौर से ENCOUNTER NEWS M.P