इंदौर में बोरिंग पर प्रतिबन्ध " 7 अप्रैल से 30 जून तक" प्रतिबन्ध का आदेश जारी Boring for Water restricted from 7 APRIL to 30 June

 



शहर में पेयजल संकट की संभावनाओं को देखते हुए निजी नलकूप खनन पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाता है तो ग्रीष्म ऋतु में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न होने की संभावना रहती है। पूर्व में भी जिले में भू-जल की गिरावट को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जिला इन्दौर द्वारा अशासकीय व निजी नलकूप खनन करने पर दिनाक 20 मार्च 2025 से 15 जून 2025 तक प्रतिबंध लगाया गया था। उपरोक्त क्रम में विगत वर्ष अनुसार ही आगामी ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए शहर में अशासकीय व निजी नलकूप खनन करने पर प्रतिबंध लगाने के आदेश किये जाने का अनुरोध किया गया है।


मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 तथा संशोधन अधिनियम 2002 (अधिनियम) में निहित प्रावधानों के तहत में शिवम वर्मा, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जिला इन्दौर, अधिनियम की धारा-3 के अतर्गत इन्दौर जिले के शहरी एवं ग्रामीण सम्पूर्ण क्षेत्रों को जल आभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करता हूँ तथा जिले में निरन्तर भू-जल की गिरावट की दृष्टिगत रखते हुए अधिनियम की धारा 6 (1) के अन्तर्गत सम्पूर्ण जिले में अशासकीय व निजी नलकूप खनन करने पर दिनांक 07 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक प्रतिबंध लगाया जाता है।


                                            


संबंधित राजस्व एवं पुलिस एवं नगर निगम अधिकारीयों को ऐसी बोरिंग मशीन जो अवैध रूप से जिले में प्रतिबंधितं स्थानों पर प्रवेश करेगी अथवा नलकूप खनन बोरिंग का प्रयास करेंगी। उक्त मशीनों को जप्त कर संबंधित पुलिस थाना क्षेत्र में एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार होगा। 


समस्त अपर कलेक्टर अपने अपने क्षेत्रान्तर्गत अपरिहार्य प्रकरणों में नगर निगम सीमा क्षेत्रों में कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी नगर निगम इन्दौर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ग्रामीण इंदौर द्वारा प्रदत जांच प्रतिवेदन के आधार पर केवल रजिस्टर्ड एजेन्सीयों के द्वारा नवीन नलकूप खनन हेतु निर्धारित शर्तों के अधीन अनुज्ञा देने हेतु प्रधिकृत किया जाता है।


इस अधिसूचना का उल्लघन करने पर अधिनियम की धारा-3 या धारा-4 के उपबंध का उल्लंघन करने पर दो हजार रूपयें का जुर्मानें तथा दो वर्ष तक के कारावास या दोनों से दण्डित करने का प्रावधान है।


शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत किये जाने वाले नलकूप उत्खनन पर यह आदेश लागू नहीं होगा। इस हेतु उपरोक्तानुसार अनुझा प्राप्त किया जाना आवश्यक नहीं होगा।


नवीन खनित निजी नलकूप एवं अन्य विद्यमान निजी जल स्त्रोतों का आवश्यकता होनें पर सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था हेतु अधिनियम की धारा-4 के अन्तर्गत अधिग्रहण किया जा सकेंगा। 

                        शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत किये जाने वाले नलकूप उत्खनन

                                              पर यह आदेश लागू नहीं होगा

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