इंदौर की छावनी मंडी में गेहूं खरीदी पर विवाद
किसानों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
मध्य प्रदेश सरकार भले ही किसानों के हित में कई योजनाएं चला रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर अनाज खरीदी व्यवस्था पर सवाल लगातार उठ रहे हैं। ताजा मामला इंदौर की छावनी अनाज मंडी से सामने आया है, जहां लसुड़िया के किसान दिलीप सिंह ने गेहूं खरीदी में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
किसान दिलीप सिंह और किसान नेता हंसराज मंडलोई के अनुसार, मंडी निरीक्षक मुकेश पाटीदार ने उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं को कम दर्जे का बताकर उसकी कीमत घटा दी, जिससे किसान को नुकसान हुआ। उनका कहना है कि दोपहर तक जिस गेहूं की कीमत करीब 2300 रुपये प्रति क्विंटल मिल रही थी, वही माल बाद में लगभग 2200 से 2250 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदा गया।
किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी प्रशासन नियमों की अनदेखी कर व्यापारियों को लाभ पहुंचा रहा है, साथ ही खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और मनमानी के भी आरोप लगाए गए हैं। वहीं, मंडी निरीक्षक मुकेश पाटीदार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि खरीदी पूरी तरह नियमों के तहत की गई है और किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है।
इंदौर से ENCOUNTER NEWS M,P


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