अवैध आइस लॉली निर्माण पाए जाने पर
मेसर्स कृष्णा पेप्सी फैक्ट्री में खाद्य कारोबार कराया गया बंद
अवैध आइस लॉली निर्माण इकाई पर कार्रवाई, 190 किलो खाद्य पदार्थ जब्त इंदौर जिले में ग्रीष्म ऋतु को दृष्टिगत खाद्य पदार्थों की जांच में तेजी
मोबाईल फूड टेस्टिंग लैब से की गई जांच एवं जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित
इंदौर, 13 मार्च 2026
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा द्वारा ग्रीष्म ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु निरंतर निरीक्षण एवं सैंपलिंग की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन, इंदौर द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में शुक्रवार 13 मार्च को बाबूलाल नगर, पालदा मेन रोड, इंदौर स्थित मेसर्स कृष्णा पेप्सी का खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मौके पर श्रीमती कृष्णा प्रजापत पत्नी श्री कैलाश प्रजापत खाद्य कारोबार का संचालन करते हुए पाई गईं। निरीक्षण के दौरान परिसर में विभिन्न प्रकार की आइस लॉली का निर्माण किया जाना पाया गया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि प्रतिष्ठान में खाद्य पदार्थों के निर्माण के लिए आवश्यक वैध अनुज्ञप्ति अथवा पंजीयन उपलब्ध नहीं था। आइस लॉली निर्माण के लिए उपयोग किए जा रहे पानी का स्रोत सीधे बोरिंग का पानी पाया गया तथा संचालक द्वारा उक्त पानी के पीने योग्य होने का कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया।
इसके अतिरिक्त प्रतिष्ठान में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा व्यक्तिगत स्वच्छता का पालन नहीं किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि खाद्य पदार्थों में मिठास के लिए आर्टिफिशियल स्वीटनर सैकरीन का उपयोग किया जा रहा था, जबकि इसके उपयोग के संबंध में खाद्य पदार्थ के लेबल पर कोई सूचना प्रदर्शित नहीं की गई थी। आर्टिफिशियल स्वीटनर का अधिक उपयोग विशेषकर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। गौरतलब है कि परिसर में निर्मित आइस लॉली का उपयोग मुख्यतः छोटे आयु वर्ग के बच्चों द्वारा किया जाता है।
मौके से आइस लॉली के 03 नमूने, आइस लॉली निर्माण में प्रयुक्त महाराज सॉफ्ट ड्रिंक का 01 नमूना तथा आर्टिफिशियल स्वीटनर का 01 नमूना, इस प्रकार कुल 05 खाद्य नमूने जांच हेतु लिए गए। साथ ही लगभग 6250 नग (लगभग 190 किलोग्राम) खाद्य पदार्थ जब्त किए गए।
परिसर में पाई गई गंभीर अनियमितताओं तथा वैध लाइसेंस/पंजीयन के अभाव को देखते हुए उक्त प्रतिष्ठान में संचालित खाद्य कारोबार को तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया।
खाद्य कारोबारकर्ताओं के लिए आवश्यक निर्देश
खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा सभी खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों को हिदायत दी गई है कि ऐसे सभी खाद्य पदार्थ निर्माता अथवा विक्रेता, जिनके यहां खाद्य पदार्थों के निर्माण के दौरान पानी का उपयोग किया जाता है, वे उपयोग किए जाने वाले पानी की नियमित रूप से NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से जांच अवश्य करवाएं।
खाद्य पदार्थों के निर्माण में केवल पीने योग्य (पोटेबल) पानी का ही उपयोग किया जाए, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से निरीक्षण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम
खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग, इंदौर द्वारा चलित खाद्य प्रयोगशाला वाहन से आज खातीवाला टैंक एवं राजेन्द्र नगर, इंदौर क्षेत्र में संचालित होटल, रेस्टोरेंट, जूस सेंटर आदि प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य कारोबारकर्ताओं एवं कर्मचारियों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य पदार्थों के उचित रखरखाव, परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने, अखाद्य रंगों का उपयोग न करने, जूस में कलर का उपयोग न करने तथा वैध पंजीयन प्राप्त कर ही खाद्य कारोबार संचालित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही इन विषयों पर विस्तृत जानकारी देकर खाद्य कारोबारकर्ताओं एवं आमजन के बीच जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मौके पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर चलित खाद्य प्रयोगशाला के माध्यम से स्पॉट पर जांच भी की गई। खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा बावर्ची खाना (खातीवाला टैंक), बाबा साहेब दूध डेयरी, गुप्ता श्री गजक एंड कुल्फी, माँ चामुंडा स्वीट्स एंड डेयरी, सांभर वाला, स्वास्तिक दूध दही भंडार और जैन फूड हब की जाँच की गई।
इन प्रतिष्ठानों से कुल 34 खाद्य नमूनों की जांच मौके पर की गई। इसके अतिरिक्त बावर्ची खाना, खातीवाला टैंक का निरीक्षण कर चावल एवं ग्रेवी के कुल 02 नमूने जांच हेतु लिए गए। लिए गए सभी नमूनों को विस्तृत जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जाएगा तथा रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने कहा कि नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खाद्य पदार्थों में मिलावट अथवा अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य निर्माण करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि यदि उनके आसपास खाद्य पदार्थों में मिलावट, अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य निर्माण या खाद्य प्रतिष्ठानों में गंदगी की शिकायत हो तो वे जिला प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 0731-181 या 0755-2840621 पर इसकी सूचना दे सकते हैं, जिससे संबंधित प्रकरण में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा मिलावट के विरुद्ध कार्रवाई एवं जनजागरूकता गतिविधियां आगे भी निरंतर जारी रहेंगी।
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खाद्य निर्माण या खाद्य प्रतिष्ठानों में गंदगी की शिकायत हो हेल्पलाइन नंबर 0731-181 या 0755-2840621 पर इसकी सूचना दे सकते हैं....
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