रीगल चौराहा बना जन-जागरण का तीर्थ
बच्चों ने बनकर तोते-पेड़ जगाया शहर
पर्यावरण की हुंकार, नन्हे कदमों ने दी बड़ी सीख …
इंदौर के रीगल टॉकीज के सामने आयोजित पर्यावरण जनजागरण कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को जीवंत कर दिया। छोटे-छोटे बच्चे तोते और चिड़िया बनकर लोगों का मन जीत रहे थे। राहगीर रुक रहे थे, देख रहे थे और सोचने पर मजबूर हो रहे थे कि विकास की दौड़ में कहीं प्रकृति पीछे तो नहीं छूट रही। बच्चों के हाथों में तख्तियां थीं कि अब पेड़ नहीं कटने देंगे, शहर नहीं तपने देंगे। यह सिर्फ नारा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी की चेतावनी थी। चारों तरफ गूंजते नारे वातावरण को ऊर्जा से भर रहे थे। दो छोटे स्पीकर थे, मगर जोश ऐसा मानो बादलों से टकराकर आवाज लौट रही हो।
इस दौरान बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी शामिल हुए और लोगों से अपील की कि विकास जरूर करें, लेकिन प्रकृति की कीमत पर नहीं। कार्यक्रम के अंत में महात्मा गांधी सर्कल पर मानव श्रृंखला बनाकर सभी ने संदेश दिया कि यह अभियान किसी राजनीतिक रंग से परे, समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इंदौर के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और समाज के हर वर्ग से अपील की गई कि बच्चों से प्रेरणा लें अगर हर व्यक्ति एक पेड़ बचाने का संकल्प ले तो शहर हरियाली की मिसाल बन सकता है। इस दौरान अभय जैन, स्वप्निल जोशी, आशीष रॉय, डॉ दिलीप वाघेला, ओ.पी. जोशी, राजकुमार छाबड़ा, रामेश्वर गुप्ता (अध्यक्ष अभ्यास मंडल), डॉ रामगुलाम राजदान, प्रकाश सोनी, संदीप खानवलकर, सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
इंदौर से ENCOUNTER NEWS M.P
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