इंदौर में तैयार हो रहे भारत के भविष्य के लिए अंतरिक्ष वैज्ञानिक : विद्यार्थीयों ने सीखी रॉकेट तकनीक,Space Scientists for India's Future Being Groomed in Indore: Students Learn Rocket Technology.

इंदौर में तैयार हो रहे भारत के भविष्य के लिए 
अंतरिक्ष वैज्ञानिक विद्यार्थीयों ने सीखी रॉकेट तकनीक

भारत के भविष्य के अंतरिक्ष प्रतिभाओं को तैयार करने की दिशा में इंदौर में एक अनूठी पहल देखने को मिली। कॉस्मिक स्टार सुपर 100 के द्वितीय चरण की दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन इंदौर के एक्रोपोलिस प्रौद्योगिकी एवं अनुसंधान संस्थान में किया गया, जिसमें मध्यप्रदेश के 8 जिलों से चयनित 120 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
विजय सोशल वेलफेयर सोसायटी और न्यूराइज़न स्पेस के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अंतरिक्ष क्षेत्र और विज्ञान-प्रौद्योगिकी शिक्षा से जोड़ना है। कार्यशाला में विद्यार्थियों को रॉकेट विज्ञान, अंतरिक्ष तकनीक और नवाचार आधारित गतिविधियों का व्यावहारिक अनुभव दिया गया। जनवरी 2026 में शुरू हुई इस पहल में इंदौर, झाबुआ, खंडवा, धार, बड़वानी, अलीराजपुर, बुरहानपुर और खरगोन सहित विभिन्न जिलों से 3000 से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था। चयन प्रक्रिया के बाद कक्षा 8वीं से 11वीं तक के 120 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को द्वितीय चरण की कार्यशाला के लिए चुना गया। कार्यक्रम के पहले दिन इसरो से जुड़े विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों ने विद्यार्थियों को अंतरिक्ष तकनीक, उपग्रह और वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़ी जानकारी दी। विद्यार्थियों ने संवादात्मक विज्ञान गतिविधियों में भाग लेकर तकनीक के वास्तविक उपयोग को समझा। दूसरे दिन विद्यार्थियों के लिए रॉकेट विज्ञान पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान स्वयं रॉकेट निर्माण कार्यशाला, खुला रॉकेट प्रक्षेपण प्रदर्शन और सेंसर एवं अंतरिक्ष तकनीक आधारित गतिविधियां आकर्षण का केंद्र रहीं। कार्यक्रम के समापन समारोह में विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। आयोजकों ने बताया कि इस पहल का अगला चरण देश के प्रमुख अंतरिक्ष और विज्ञान संस्थानों के शैक्षणिक भ्रमण के साथ आयोजित किया जाएगा। 

इंदौर से ENCOUNTER NEWS MP 

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